रबी सीजन में कम और मध्यम अवधि में तैयार होने वाली चने की उन्नत 11 किस्में (Improved Varieties Of Gram), जानिए उत्पादन, खासियत एवं अन्य जानकारी..
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Improved Varieties Of Gram | रबी सीजन में चना किसानों के लिए प्रमुख दलहनी फसल है। कम पानी में भी अच्छी पैदावार देने की क्षमता के कारण इसकी खेती किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है। हालांकि चने की अच्छी पैदावार के लिए सही किस्म का चुनाव बेहद जरूरी है। अलग-अलग क्षेत्रों में मिट्टी, सिंचाई की उपलब्धता, मौसम और फसल अवधि के अनुसार किस्मों का चयन किया जाता है।
कृषि विज्ञान केंद्र, सगरोळी, ता. बिलोली, जि. नांदेड की ओर से जारी जानकारी में चने की कम एवं मध्यम कालावधि वाली कई किस्मों की विशेषताएं और संभावित उत्पादन बताया गया है।
इनमें कुछ किस्में वर्षा आधारित खेती तो कुछ संरक्षित सिंचाई वाली परिस्थितियों के लिए उपयोगी बताई गई हैं। रबी सीजन में कम और मध्यम अवधि में तैयार होने वाली चने की उन्नत 11 किस्में (Improved Varieties Of Gram), जानिए उत्पादन, खासियत एवं अन्य जानकारी..
चने की 11 उन्नत किस्में
- 1. बीडीएन-737 (आकाश)
- 2. परभणी चना-6
- 3. फुले विक्रम
- 4. फुले विजय
- 5. फुले विश्वराज
- 6. फुले दिग्विजय
- 7. फुले विक्रांत
- 8. पीडीकेव्ही कांचन
- 9. जाकी-9218
- 10. पीडीकेव्ही कनक
- 11. आरकेजी-304 (राजविजय 304)
चने की 11 उन्नत किस्में Improved Varieties Of Gram जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार देने इन किस्म के बारे में जानिए….
1. बीडीएन-737 (आकाश) – बीडीएन-737 (आकाश) चने की लगभग 105 से 110 दिन में तैयार होने वाली किस्म है। इसके बारे में दी गई जानकारी के अनुसार यह मर रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ मध्यम आकार के दाने और अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जानी जाती है। उचित प्रबंधन और अनुकूल परिस्थितियों में इससे करीब 14 से 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
2. परभणी चना-6 – परभणी चना की फसल अवधि करीब 105 से 110 दिन बताई गई है। यह मर रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ यांत्रिक कटाई के लिए उपयुक्त बताई गई है। इसके अलावा यह चारा उत्पादन तथा संरक्षित सिंचाई वाली परिस्थितियों में भी उपयोगी मानी गई है। इसका संभावित उत्पादन करीब 23 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताया गया है। Improved Varieties Of Gram
3. फुले विक्रम – फुले विक्रम भी करीब 105 से 110 दिन की अवधि वाली किस्म है। यह खासतौर पर घाटे की जमीन में भी उपयोगी बताई गई है। इसमें एक फुट से अधिक गहराई तक जड़ें जाने की विशेषता बताई गई है, जिससे पौधे को नमी का लाभ मिल सकता है। यह मध्यम आकार के दाने और मर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए भी उपयोगी है। इसका उत्पादन करीब 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताया गया है।
4. फुले विजय – फुले विजय अपेक्षाकृत कम अवधि में तैयार होने वाली किस्म है। इसकी फसल अवधि करीब 85 से 90 दिन है। इसमें पानी का ताप सहने की क्षमता, मर रोग प्रतिरोधक क्षमता और जिरायती यानी वर्षा आधारित खेती के लिए उपयुक्तता बताई गई है। इसका उत्पादन करीब 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बताया गया है। Improved Varieties Of Gram
5. फुले विश्वराज – फुले विश्वराज की फसल अवधि करीब 95 से 105 दिन बताई गई है। यह पिंकवर्म यानी तंबाकू जैसी समस्या वाले क्षेत्रों में उपयोगी होने के साथ मध्यम दाने और जिरायती खेती के लिए उपयुक्त बताई गई है। इसमें मर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बताई गई है। इसका संभावित उत्पादन करीब 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।
6. फुले दिग्विजय – फुले दिग्विजय की अवधि करीब 90 से 95 दिन है। यह पिंकवर्म सहनशीलता, मर रोग प्रतिरोधक क्षमता और जिरायती बागायती क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बताई गई है। साथ ही यह अशीर यानी असिंचित/वर्षा आधारित परिस्थितियों में भी उपयोगी हो सकती है। इसका उत्पादन लगभग 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताया गया है। Improved Varieties Of Gram
7. फुले विक्रांत – फुले विक्रांत करीब 105 से 110 दिन में तैयार होती है। इसमें पिंकवर्म के प्रति सहनशीलता और मध्यम आकार के दाने की विशेषता बताई गई है। यह बागायती खेती के लिए भी उपयोगी मानी गई है। इसका संभावित उत्पादन करीब 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।
8. पीडीकेव्ही कांचन – पीडीकेव्ही कांचन की फसल अवधि लगभग 105 से 110 दिन है। इसमें मर रोग प्रतिरोधक क्षमता, मध्यम दाने और विभिन्न परिस्थितियों में उपयोगिता बताई गई है। इसका उत्पादन करीब 18 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बताया गया है। Improved Varieties Of Gram
9. जाकी-9218 – जाकी-9218 करीब 95 से 100 दिन में तैयार होने वाली किस्म है। यह विशेष रूप से वर्षा आधारित परिस्थितियों के लिए उपयोगी बताई गई है और इसमें मर रोग प्रतिरोधक क्षमता का उल्लेख किया गया है। इसका संभावित उत्पादन करीब 15 से 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है।
10. पीडीकेव्ही कनक – पीडीकेव्ही कनक की फसल अवधि लगभग 108 से 110 दिन बताई गई है। यह यांत्रिक पद्धति से कटाई के लिए उपयुक्त होने के साथ संरक्षित सिंचाई वाली परिस्थितियों में उपयोगी बताई गई है। इसका उत्पादन करीब 18 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बताया गया है। Improved Varieties Of Gram
11. आरकेजी-304 (राजविजय 304) – सूची में शामिल आरकेजी-304 (राजविजय 304) की फसल अवधि करीब 108 से 110 दिन बताई गई है।
यह यांत्रिक पद्धति से कटाई के लिए उपयुक्त किस्म है और इसमें मध्यम स्तर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बताई गई है। इसका संभावित उत्पादन करीब 25 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताया गया है। Improved Varieties Of Gram
किसानों के लिए जरूरी सलाह
चना की किस्म का चुनाव करते समय केवल उत्पादन क्षमता को आधार नहीं बनाना चाहिए। किसान अपने क्षेत्र की मिट्टी, वर्षा, सिंचाई की उपलब्धता, बुवाई का समय और रोगों की स्थिति को ध्यान में रखकर किस्म का चयन करें। Improved Varieties Of Gram
प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज का उपयोग करें तथा कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार बीज दर, बीज उपचार, खाद एवं उर्वरक प्रबंधन और रोग-कीट नियंत्रण करें। इससे फसल की शुरुआत से ही अच्छी बढ़वार बनाए रखने में मदद मिल सकती है। वास्तविक उत्पादन मौसम, मिट्टी, सिंचाई, बीज की गुणवत्ता और फसल प्रबंधन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। Improved Varieties Of Gram
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